क्रिकेट वनडे और टी 20 (दृष्टि बाधित) में विश्व विजेता!
वर्ष 2025 भारत के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं बीता! बेशक इसे लेकर मतांतर हो सकता है, मगर शायद इस बात पर नहीं कि बीते साल की चंद उपलब्धियों की सूची बनानी हो तो खेलों की दुनिया (खास कर क्रिकेट) में देश की बेटियों के शानदार प्रदर्शन को जरूर स्थान मिलेगा!
खेलों को लेकर भारतीय समाज की धारणा बहुत अच्छी नहीं रही है! कहा जाता रहा है- खेलोगे, कूदोगे, होगे खराब.. लड़कियों को तो खेलने से ही हतोत्साहित किया जाता रहा है. बहरहाल धीरे धीरे यह स्थिति बदली है और देश की लड़कियां भी अब अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का मान बढ़ाने लगी हैं! बीते कुछ वर्षों में लड़कियों ने भी हाकी, लॉन टेनिस, बैडमिंटन, तीरंदाजी आदि में अपनी उपलाभियों से देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है! क्रिकेट में भी भारतीय महिला टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही है.
1983 में भारतीय पुरुष टीम का वनडे वल्र्ड कप जीतना एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी. खेल प्रेमियों के लिए आह्लादकारी अनुभव था. फिर 2011 में भी भारतीय टीम वर्ल्ड चैंपियन बनी. अब तो खैर विश्व क्रिकेट में भारत की टीम एक मजबूत टीम मानी जाती है. अब महिला टीम ने भी वही कारनामा कर दिखाया है.
नवी मुंबई में बीते नवंबर माह में खेले गये महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने साउथ अफ्रीका को शिकस्त देकर खिताबी जीत दर्ज की.
उसके बीस दिन बाद ही दृष्टि बाधित (ब्लाइंड) महिलाओं की टीम ने भी पहली बार आयोजित टी 20 विश्व कप प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर सबको चैंका दिया! नेपाल को 7 विकेट से हराया. इससे पहले भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराया था.
दृष्टि बाधित, या कहें, नेत्रहीन (लड़के या लड़की) का तो खेलना ही एक चमत्कार है. सिर्फ सुन कर गेंद की दूरी और दिशा का अनुमान लगा कर तत्काल रिएक्ट करना! बल्ले से गेंद को मारना, मैदान में गेंद को पकड़ना, कैच करना, फिर सही जगह थ्रो करना- सोच कर भी रोमांच का अनुभव होता है! कितने अभ्यास और लगन की जरूरत है. उससे भी अधिक जिद की! अद्भुत! आम महिलाओं को ऐसी उपलब्धियों से शायद बहुत फर्क नहीं पड़ता है, मगर युवा लड़कियों को गर्व का एहसास तो होता ही है, खुद कुछ करने की प्रेरणा मिलती है. लड़कियों की यह सफलता इसलिए भी खास है कि खेलने वाली बहुत कम लड़कियों को परिवार और समाज से प्रोत्साहन मिलता है! खेल संघों पर भी आरोप लगता है कि वे पुरुष और महिला खिलाड़ियों के साथ समान व्यवहार नहीं करते. उनके लिए पर्याप्त सुविधाएं मुहैया नहीं करायी जाती. ऐसी स्थिति में महिला टीमों की उपलब्धि को और भी विशेष माना जाना चाहिए!
महिला टीम के वनडे विश्व कप विजेता बनने की स्वाभाविक ही खासी चर्चा हुई. खुद प्रधानमंत्री ने पूरी टीम को आमंत्रित किया, उनको बधाई दी. मगर अफसोस कि दृष्टि बाधित महिला टीम को मीडिया में अपेक्षित तवज्जो नहीं मिली! प्रधानमंत्री को भी शायद ध्यान नहीं रहा या समय ही नहीं मिला. मगर नेता प्रतिपक्ष ने टीम को अपने आवास पर बुलाया कर उनको बधाई दी, उनकी हौसला आफजाई कर भरपाई कर दी!.
देश की ये बेटियाँ शाबाशी की हकदार हैं! शाबाश! बधाई.. शुभकामनाएं!!

देश की बेटियों को सलाम !
क्रिकेट वनडे और टी 20 (दृष्टि बाधित) में विश्व विजेता! वर्ष 2025 भारत के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं बीता! बेशक इसे लेकर मतांतर हो सकता है, मगर शायद इस बात पर नहीं कि बीते साल की चंद उपलब्धियों की सूची बनानी हो तो खेलों की दुनिया (खास कर क्रिकेट) में देश की बेटियों के…
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