अंधविश्वास, काला जादू, ज्योतिष विद्या और सबसे बढ़कर राजनीतिक पहुंच के बल पर कोई किस प्रकार करोड़ों की संपत्ति का मालिक और अय्याश बन सकता है, इसका जीता जागता  उदाहरण है- नासिक का ढोंगी बाबा अशोक खरात. बीस वर्षों से वह अपना मायाजाल फैलाकर महिलाओं का शोषण कर रहा था. अगर तीन महिलाओं ने हिम्मत ना दिखाई होती तो आज भी वह मौज की जिंदगी जी रहा होता.
जानकारी के अनुसार  वह लगभग 200 करोड़  की संपत्ति का मालिक है. कई ट्रस्ट बनाकर, गौशाला और मंदिर का निर्माण कर उसने यह संपत्ति अर्जित की. लेकिन उसका मुख्य धंधा औरतों को अपने जाल में फंसा कर और बाद में उनको ब्लैकमेल कर पैसे की उगाही करना था. आरंभ में 22 वर्षों तक मर्चेंट नेवी में काम करने के बाद वह अपने गांव लौट आया और पूजा पाठ धार्मिक अनुष्ठान इत्यादि कराने लगा. उसे हिंदी, अंग्रेजी तमिल इत्यादि अनेक भारतीय भाषाओं के अलावा कई विदेशी भाषाओं का भी ज्ञान था.
वह पारंपरिक पुजारी से अलग मॉडर्न वेशभूषा, अंग्रेजी बोलने और ज्योतिष विद्या का ज्ञाता होने का दावा करता था. जन्म तिथि एवं कुंडली देखकर वह भविष्यवाणियां किया करता था. उसकी बातों में बड़े पदाधिकारी, नेता, मंत्री आ  जाते थे. उसके बाद वह महिलाओं को अपने गिरफ्त में लेता था. वह भी पढ़ी लिखी, पैसे वाली और महत्त्वपूर्ण पदों पर काम करने वाले लोगों की पत्नियांे को. वे अपनी पारिवारिक परेशानियां लेकर आने लगीं. बाबा ने औरतों के कमजोर नब्ज को पकड़ा और समाधान के लिए उन्हें अकेले में बुलाने लगा.
कभी किसी बीमारी का डर, नौकरी, व्यवसाय में बाधा आने की बात कह कर वह महिलाओं को भयभीत कर अपने चंगुल में फंसा लेता. निदान के लिए अकेले में बुलाता, नशीला पानी पिलाता. बेहोश होने पर उसके साथ दुष्कर्म कर उसका वीडियो बना लेता था. फिर वह इस वीडियो के सहारे उनको ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने लगता. वह बार-बार उन्हें बुलाता. लोक लज्जा एवं परिवार पर अनिष्ट होने के भय से महिलाएं चुप रह जाती और उसकी बातों को मानने को विवश हो जाती. लगातार बलात्कार और ब्लैकमेलिंग की शिकार एक महिला ने तीन वर्षों तक यंत्रणा झेलने के बाद एफआइ आर दर्ज  कराया.
बाबा की गिरफ्तारी हुई, उसे हिरासत में रखा गया. अभी तक 12 मामले दर्ज किए गए है जिनमें से आठ मामले महिला- शोषण के एवं चार मामले धोखाधड़ी से संबंधित हैं. छानबीन के दौरान उसके ठिकानों से 58 ऐसे वीडियो, पेन ड्राइव मिले हैं जो इस बात को पुख्ता  करते हैं कि उसने यह सारा खेल लगभग 2० वर्षों से चला रखा था. महिलाओं के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने के साथ ही गर्भपात करने की घटना की भी जानकारी मिली है.
आम बाबा की तरह ना उसने प्रवचन दिया, ना कोई भजन कीर्तन लेकिन इतना बड़ा साम्राज्य, सुख सुविधा और विलासिता पूर्ण जीवन जीने वाला आज सलाखों के पीछे है.
भारत में ऐसे बाबाओं की सूची बड़ी लंबी है जिन पर दुष्कर्म, हत्या, धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं. आसाराम, राम रहीम, अभय सिंह, रामपाल, डर्टी बाबा, अविमुक्तेश्वरानंद, बाबा चौतन्यानंद इत्यादि. दुख तो यह है कि आरोपों एवं प्रमाणों के बावजूद आम जन की आस्था में कमी नहीं आती. हमें अंधभक्ति के कारणों के तह तक  पहुंचना जरूरी है.
आखिर कोई महिला (पुरुष भी) इतनी अविवेकी, अंधभक्त और डरपोक क्यों हो जाती है कि वह ऐसे ढोंगी बाबाओं के चंगुल में फंस कर अपना तन, मन, धन लुटा बैठती है? हमें ऐसे नकली बाबाओं को पहचानने की जरूरत है.
आज अशोक खरात का सारा खेल समाप्त हो गया है. उसका बेटा हर्षवर्धन को भी गिरफ्तार किया गया है. पत्नी कल्पना और पांच लोगों पर फ्रॉड और मनी लांड्रिंग एक्ट का रिपोर्ट दर्ज किया गया है. वैसे, राजनीतिक पहुंच के बल पर उसे जमानत मिल जाए तो इसमें आश्चर्य नहीं. नासिक पुलिस ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रही है जो खरात के साथ इस खेल में मददगार थे या उससे अनुचित  लाभ ले रहे थे.

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